वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग
१८ दिसंबर २०१६
रमण महर्षि केंद्र, दिल्ली
प्रसंग:
जिंदगी धोखा क्यों देती है?
जिंदगी में इतने धक्के, चोट क्यों खाते है?
क्या जो कुछ व्यक्तिगत है, वही आपका रोग है?
हम खाव्बो की दुनिया में ही क्यों जीते रहते है?
व्यक्तिगत है क्या?
क्या जो कुछ भी व्यक्तिगत है वो पागलपन है?
संगीत: मिलिंद दाते